बहुत पेचीदा है ए जिंदगी किरदार तेरा। बहुत पेचीदा है ए जिंदगी किरदार तेरा।
ना रुक कभी ना थम चलने दे जिंदगी कभी हँसाता तो कभी रुलाता है वही। ना रुक कभी ना थम चलने दे जिंदगी कभी हँसाता तो कभी रुलाता है वही।
ऐ रात तू पर फैलाए कहाँ से आती है, नींदों में पलने वाले सपने सुहाने कहाँ से लाती है. ऐ रात तू पर फैलाए कहाँ से आती है, नींदों में पलने वाले सपने सुहाने कहाँ से ल...
एक बेटा जो अपनी ज़िन्दगी में "माँ" के होने और ना होने की अहमियत को इस कविता में बताता है। एक बेटा जो अपनी ज़िन्दगी में "माँ" के होने और ना होने की अहमियत को इस कविता में ब...
ऐ मेरे मन तू क्यों इतना हो रहा उदास है, सुख की आस में क्यों तू आज हताश है। ऐ मेरे मन तू क्यों इतना हो रहा उदास है, सुख की आस में क्यों तू आज हताश है।
यूँ तो बेबसी कहो या चाहत की इन्तेहाँ कोई, यहाँ हर खामोशी के पहलू में छुपा कोई राज़ है। यूँ तो बेबसी कहो या चाहत की इन्तेहाँ कोई, यहाँ हर खामोशी के पहलू में छुपा कोई रा...